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RBSE Solution for Class 9 Math Chapter 11 रचनाएँ

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Last Updated on March 14, 2023 by Rohitash Kumawat

RBSE Solution for Class 9 Math Chapter 11 रचनाएँ

रचनाएँ Ex 11.1

प्रश्न 1.
एक दी हुई किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर 90° के कोण की रचना कीजिए और कारण सहित रचना की पुष्टि कीजिए।
हल:
रचना के चरण

  • सर्वप्रथम एक किरण OA उपयुक्त नाप की खींची।
  • किरण OA के बिन्दु 0 को केन्द्र मानकर तथा उपयुक्त त्रिज्या परकार में लेकर च प LM खींचा जो OA को L बिन्दु पर काटता है।
  • अब चाप उतना ही रखकर L को केन्द्र मानकर एक चाप खींचा जो चाप LM को P पर काटे।
  • अब पुन: P को केन्द्र मानकर तथा उतना ही चाप लेकर एक चाप पुनः काटा जो चाप PM को Q बिन्दु पर काटे।
  • अब OB तथा OC किरण प्राप्त करने के लिए 0 को P से तथा O को Q से मिलाया तथा आगे बढ़ा दिया। हम देखेंगे कि
  • ∠AOB = ∠BOC = 60°
  • अब कोण BOC को समद्विभाजित किया। इसके लिए पूर्वानुसार ही चाप लेकर बिन्दु P तथा Q से चाप लगाया जो कटे हुए स्थान को 0 से मिलाने पर OR किरण बन जाती है।
  • इस प्रकार इस किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर बनने वाला ∠AOD = 90° ही अभीष्ट कोण है।
  • सत्यापन-चाँदे की सहायता से मापे गए कोण ∠AOD का मान 90° प्राप्त होता है।


रचना की प्रामाणिकता-चित्रानुसार बिन्दु P को L से मिलाया तब
OL = OP = PL(रचना से)
अतः ∆ OPL एक समबाहु त्रिभुज है और ∠POL जो कि ∠BOA के समान है तथा ये 60° के बराबर है। अब QP को मिलाया।
∴ OP = OQ = PQ (रचना से)
अतः ∆ OQP एक समबाहु त्रिभुज है।
∠POQ = ∠BOC = 60°
∠BOC का समद्विभाजक OD है।

अब ∠DOA = ∠BOA + ∠DOB
या ∠DOA = 60° + 30° = 90°

प्रश्न 2.
एक दी हुई किरण के प्रारम्भिक बिन्दु पर 45° के कोण की रचना कीजिए और कारण सहित रचना की पुष्टि कीजिए।
हल:
रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम एक किरण OA उपयुक्त नाप की खींची।
(2) प्रश्न 1 में दिए गए पदों के अनुसार ∠AOD = 90° के कोण की रचना की।
(3) हम जानते हैं कि 45° = 1 × 90° अतः हमें अभीष्ट कोण अर्थात् 45° का कोण प्राप्त करने के लिए 90° के कोण की रचना कर दिए गए कोण को समद्विभाजित करने की प्रक्रिया का ही अनुसरण करना होगा।

(4) 90° के कोण को बनाने में प्रयुक्त चाप लेकर ही बिन्दु L तथा S से पुनः चाप लगाया। चापों के कटे हुए स्थान को बिन्दु 0 से मिला दिया। इस किरण का नाम OE दिया।
(5) किरण OE कोण AOD को समद्विभाजित करती है अतः
∠AOE = ∠DOE = 45°
सत्यापन-चाँदे की सहायता से ∠AOE को मापने पर उसकी माप 45° प्राप्त होती है।

रचना की प्रामाणिकता: बिन्दु L व S को मिलाया। अब ∆ OLS एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें 0 बिन्दु पर समकोण है।

∴ OL = Os
अत: 0, SL के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है।
∴ SF = FL
तथा ∠OFS = ∠OFL = 90°
अब ∆ OFS तथा ∆ OFL में
OF = OF (उभयनिष्ठ भुजाएँ)
OS = OL (रचना से)
तथा SF = FL (सिद्ध कर चुके हैं)
∴ ∆ OFS = ∆ OFL
(सर्वांगसमता के नियम SSS के अनुसार)
या ∠SOF = ∠LOF
क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।
∴ ∠SOF + ∠LOF = ∠SOL
⇒ ∠LOF + ∠LOF = 90°
⇒ 2 ∠LOF = 90°

या ∠LOF = 45°

प्रश्न 3.
निम्न मापों के कोणों की रचना कीजिए
(i) 30°
(ii) 22
(iii) 15°
हल:
(i) 30°

अतः 30° के कोण की रचना में निम्न पद प्रयुक्त होंगे
रचना के चरण:

  • सर्वप्रथम एक किरण OA उपयुक्त नाप की खींची।
  • बिन्दु 0 से एक उपयुक्त चाप लेकर LM चाप लगाया।
  • अब बिन्दु L से उतना ही चाप परकार में भरकर LM चाप को काटा।
  • यह कटा बिन्दु S है। इसे 0 बिन्दु से मिलाया। इस प्रकार 60° के कोण की रचना हुई।
  • अब बने इस कोण COA = 60° का समद्विभाजन किया।
  • समद्विभाजन से प्राप्त किरण OE ही वह किरण है जो ∠EOA = 30° का कोण बनाती है तथा चित्रानुसार
    ∠COE = ∠EOA = 30°
    सत्यापन: चाँदे की सहायता से ∠EOA को मापने पर इसका मान 30° प्राप्त होता है।


रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम OA किरण किसी भी नाप की खींची।
(2) परकार व पटरी की सहायता से 0 बिन्द पर 90° का कोण बनाया।

(iii) 15°
15° के कोण की रचना के लिए 30° के कोण की रचना करके उसका समद्विभाग करना होगा। अर्थात्

रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम OA किरण किसी भी नाप की खींची।
(2) परकार व पटरी की सहायता से तथा पूर्व में दिए गए पदों की सहायता से 60° का कोण बनाया।

(3) अब इस 60° के ∠DOA का समद्विभाग कर ∠COA = 30° प्राप्त किया।
(4) प्राप्त ∠COA = 30° का पुनः पूर्व में दिए गए पदों के अनुसार ∠COA = 30° का समद्विभाग कर ∠BOA = 15° प्राप्त कर लिया। अतः
∠COB = ∠BOA = 15°
सत्यापन-प्राप्त ∠BOA = 15° को चाँदे की सहायता से मापने पर कोण का मान 15° प्राप्त होता है।

प्रश्न 4.
निम्न कोणों की रचना कीजिए और चाँदे द्वारा मापकर पुष्टि कीजिए
(i) 75°
(ii) 105°
(iii) 135°
हल:
(i) 75° के कोण की रचना-

(1) परकार व पटरी की सहायता से 60° व 120° के लिए दो चाप क्रमश: S व R लगाइए।

(2) ∠SOR का अर्द्धक ON खींचिये। यह ∠BON = 90° होगा।
(3) अब ∠SOM का अर्द्धक OT खींचिये। इस प्रकार ∠BOT = 75°
सत्यापन-प्राप्त ∠BOT = 75° को चाँदे से मापने पर भी इसका मान 75° प्राप्त होता है।

(ii) 105° के कोण की रचना

(1) एक रेखाखण्ड AB किसी भी माप का खींचिए।

(2) इस पर किसी बिन्दु 0 से परकार व पटरी द्वारा 60° व 120° के लिए दो चाप क्रमशः P व Q काटिये।
(3) ∠POQ का अर्द्धक OT खींचिए। इससे ∠BOT = 90° प्राप्त होगा।
(4) अब ∠MOQ = 30° का अर्द्धक ON खींचिए।
इस प्रकार ∠BON = 105° प्राप्त होगा।
सत्यापन: प्राप्त ∠BON = 105° को चाँदे की सहायता से मापने पर इसका मान 105° ही प्राप्त होता है।

(iii) 135° के कोण की रचना
रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम किरण OA किसी भी नाप की खींची।

(2) परकार व पटरी की सहायता से बिन्दु 0 पर दो समकोणों की रचना की।
(3) द्वितीय समकोण ∠BOM का समद्विभाग किया जिससे ∠MOC तथा ∠COB = 45° प्राप्त हुए।
(4) इस प्रकार अभीष्ट कोण अर्थात् ∠COA = 135° प्राप्त हो गया।
सत्यापन: प्राप्त ∠COA = 135° को चाँदे की सहायता से मापने पर 135° का कोण ही प्राप्त होता है।

प्रश्न 5.
एक समबाह त्रिभुज की रचना कीजिए, जब इसकी भुजा दी हो तथा कारण सहित रचना कीजिए।
हल:
रचना के चरण:
(1) सबसे पहले एक 5 सेमी. का रेखाखण्ड BC खींचा।

(2) अब परकार में 5 सेमी. का चाप भरकर B बिन्दु से काटा।
(3) पुनः उसी चाप को भरकर बिन्दु C से चाप काटा।
(4) दोनों चापों के कटने के स्थान पर बिन्दु A लिख दिया।
(5) बिन्दु A को क्रमशः बिन्दु B तथा C से मिला दिया।
(6) इस प्रकार एक ऐसा समबाहु त्रिभुज प्राप्त हो गया जिसकी तीनों भुजाएँ 5 सेमी हैं।

रचना की पुष्टि: भुजा BC का समद्विभाग किया जो बिन्दु A से गुजरता है। उसका नाम AD लिखा। हम यह भी जानते हैं कि समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° का होता है।
अब समकोण ∆ ADB तथा समकोण ∆ ADC
AD = AD (उभयनिष्ठ भुजाएँ)
∠ADB = ∠ADC = 90° (रचना से)
तथा BD = CD (रचना से)
∴∆ ADB ≅ ∆ ADC
(सर्वांगसमता के नियम SAS के अनुसार)
∴ ∠B = ∠C = 60°
क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।
∴ ∆ ABC में तीसरा कोण
∠A = 180° – (∠B + ∠C)
= 180° – (60° + 60°)
= 180° – 120°
= 60°
अत: बनाया गया त्रिभुज समबाहु त्रिभुज है। 

रचनाएँ Ex 11.2

प्रश्न 1.
एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए, जिसमें BC = 7 cm, Z B = 75° और AB + AC = 13 cm हो।
हल:
प्रश्नानुसार दिया गया है कि आधार BC = 7 सेमी., ∠B = 75° तथा दो भुजाओं का योग अर्थात् AB + AC = 13 सेमी.। इनके आधार पर ∆ ABC की रचना करनी है।

रचना के चरण

  • सर्वप्रथम एक किरण BX खींची तथा इसमें से BC = 7 सेमी. ली।
  • बिन्दु B पर परकार व पटरी की सहायता से ∠YBX = 75° की रचना की।
  • अब B को केन्द्र मानकर परकार में 13 सेमी. (AB + AC = 13 सेमी.) लेकर एक चाप काटा जो BY को D बिन्दु पर मिलता है।
  • बिन्दु C को D से मिला दिया।
  • अब भुजा CD का लम्ब समद्विभाजक PQ खींचा जो BD भुजा के A बिन्दु पर मिलते हैं।
  • A को C से मिला दिया। यही अभीष्ट त्रिभुज है।

हम जानते हैं कि A बिन्दु, CD भुजा के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है। अतः
AC = AD
∴ AB = BD – AD
⇒ AB = BD – AC
⇒ AB + AC = BD = 13 सेमी.

प्रश्न 2.
एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए, जिसमें BC = 8 cm, ∠B = 45° और AB – AC = 3.5 cm हो।
हल:
प्रश्नानुसार दिया गया है कि आधार BC = 8 सेमी., ∠B = 45° तथा दो भुजाओं में अन्तर अर्थात् AB – AC = 3.5 सेमी.। इनके आधार पर हमें ∆ ABC की रचना करनी है।

रचना के चरण:

  • सबसे पहले एक किरण BX खींची तथा इसमें से BC रेखाखण्ड 8 सेमी. का खींचा।
  • बिन्दु B पर 45° का कोण बनाया।
  • अब रेखाखण्ड BY में से BD = 3.5 सेमी. [क्योंकि AB – AC = 3.5 सेमी.] काटा।
  • बिन्दु C व D को मिला दिया।
  • अब CD रेखा का लम्ब समद्विभाजक PQ खींचा जो BY रेखा के A बिन्दु पर मिलता है।
  • A को C से मिलाया। इस प्रकार ∆ ABC बन गया।

बिन्दु A, CD के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है। अतः
AD = AC
अब BD = AB – AD
या BD = AB – AC
या BD = AB – AC = 3.5 सेमी.

प्रश्न 3.
एक त्रिभुज PQR की रचना कीजिए, जिसमें QR = 6 cm, ∠Q = 60° और PR – PQ = 2 cm हो। .
हल:
प्रश्नानुसार QR (आधार) = 6 सेमी. ∠Q = 60° (आधार का कोण) तथा PR – PQ = 2 सेमी.| अब इनके आधार पर ∆ PQR की रचना करनी है।
रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम एक किरण QX खींची तथा इसमें से रेखाखण्ड QR = 6 सेमी. का काटा।

(2) Q बिन्दु पर परकार व पटरी की सहायता से 60° का कोण बनाती हुई किरण QY खींची। QY को इस प्रकार आगे बढ़ाया कि YQY’ बन जाए।
(3) OY’ में से रेखाखण्ड 00 = 2 सेमी. अर्थात् PR – PQ = 2 सेमी. का काटा।
(4) बिन्दु O को R से मिलाकर OR का लम्ब समद्विभाजक ST खींचा।
(5) P से R को मिला दिया। इस प्रकार अभीष्ट ∆ PQR बन गया।
∵ POR के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है अतः
PO = PR
या PQ + QO = PR
या QO = PR – PQ
या PR – PQ = 2 सेमी.

प्रश्न 4.
एक त्रिभुज XY∠ की रचना कीजिए, जिसमें ∠Y = 30°, ∠Z = 90° और XY + YZ + ∠X = 11 cm हो।
हल:
प्रश्नानुसार दिया गया है कि आधार का कोण ∠Y = 30° तथा एक कोण ∠Z = 90° है।
तीनों भुजाओं का योग या परिमाप = XY + YZ + ZX = 11 सेमी.। इनके आधार पर अब ∆ XYZ की रचना करनी है।

रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम एक PQ रेखाखण्ड 11 सेमी. का खींचा।।
(2) ∠Y = 30° होने के कारण P बिन्दु पर ∠KPQ = 30° की रचना की तथा ∠Z = 90° होने के कारण Q बिन्दु पर ∠LQP = 90° की रचना की।

(3) ∠KPQ तथा ∠LQP को समद्विभाजित किया जो एक-दूसरे से X बिन्दु पर मिलते हैं।
(4) अब PX तथा QX भुजाओं का लम्ब समद्विभाजक क्रमश: MN तथा RS खींचा।
(5) ये लम्ब समद्विभाजक MN तथा RS भुजा या रेखाखण्ड PQ को Y तथा Z बिन्दुओं पर मिलते हैं।
(6) अब XY तथा XZ को मिला दिया। इस प्रकार ∆ XYZ की रचना हुई।

चित्रानुसार PX का लम्ब समद्विभाजक MN पर बिन्दु Y स्थित है।
अतः PY = XY
इसी प्रकार QZ = XZ
अतः XY + YZ + ZX = PY + YZ + QZ
= PQ = 11 सेमी.
पुनः ∠YXP = ∠XPY ।
[क्योंकि ∆ XPY में XY = PY]
अब ∠XYZ = ZY × P + ∠XPY
= 2 ∠XPY = ∠KPQ
या ∠XYZ = 30°
इसी प्रकार ∠XYZ = ∠LQP
या ∠XZY = 90°

प्रश्न 5.
एक समकोण त्रिभुज की रचना कीजिए, जिसका आधार 12 cm और कर्ण तथा अन्य भुजा का योग 18 cm है।
हल:
प्रश्नानुसार दिया गया है कि आधार QR = 12 सेमी., कर्ण व अन्य भुजा का योग अर्थात् PQ + PR = 18 सेमी. तथा ∠PQR = 90° है। अब इनसे हमें समकोण ∆ PQR की रचना करनी है।

रचना के चरण:
(1) सर्वप्रथम एक किरण OX खींची तथा इसमें से QR रेखाखण्ड 12 सेमी. का काटा। .
(2) ∠YQX = 90° बनाया तथा QY रेखा में से रेखाखण्ड QD = 18 सेमी. काटा।

(3) बिन्दु D को R से मिला दिया।
(4) अब रेखाखण्ड DR का लम्ब समद्विभाजक खींचा जो QD को P बिन्दु पर काटता है।
(5) अब PR को मिलाया। इस प्रकार अभीष्ट ∆ PQR प्राप्त हुआ।
∵ बिन्दु P, DR के लम्ब समद्विभाजक पर स्थित है। अतः
PR = PD और तब
PQ = QD – PD
या PQ = QD – PR
या PQ + PR = QD = 18 सेमी. 

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